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शुक्रवार, 19 मार्च 2010

भारतीय हॉकी टीम के कोच ने मांगे अधिकार

hovkeyनई दिल्ली । वल्र्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन को इतिहास बताते हुए भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच जोस ब्रासा ने एक बार फिर टीम चयन और प्रशिक्षण फैसलों में अधिक अधिकारों की मांग की है।
स्पेन के ब्रासा ने बुधवार को हॉकी इंडिया के महासचिव नरेंद्र बत्रा, सदस्य अनुपम गुलाटी और कोच हरेंद्र सिंह के साथ लंबी बैठक की।



साढ़े चार घंटे की इस बैठक के बाद ब्रासा ने बताया कि उन्होंने भारतीय हॉकी का स्तर ऊंचा उठाने के लिए प्रोजेक्ट इंडिया तैयार किया है। उन्होंने कहा, मैंने चयन प्रक्रिया में प्रमुख कोच के लिए कुछ और अधिकारों की मांग की है। प्रमुख कोच टीम का महानिदेशक होना चाहिए। वह खिलाड़ियों और कप्तान के चयन के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। उसे टीम के वार्षिक बजट तय करने का अधिकार मिलना चाहिए, जिनमें उपकरणों की खरीद-फरोख्त और दौरे तय करना शामिल हैं। वे पहले भी ऐसी मांगें करते रहे हैं।



इसके साथ ही ब्रासा ने कहा, मेरी टीम में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टॉफ समान विचारों वाला होना चाहिए और उन्हें मुझ पर भरोसा होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारत में हॉकी में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया जाता है, जबकि यूरोपीय देशों में केवल एक संस्था होती है, जो खेल पर नियंत्रण रखती है।



हालांकि, खेल मंत्रालय के पास अंतिम अधिकार मौजूद है लेकिन वह हस्तक्षेप नहीं करता है। उन्होंने कहा, भारत में हमारे पास हॉकी इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण हैं, लेकिन मुझे कई बार यह पता नहीं होता कि किससे बात करनी है।– पूर्व स्पेनिश खिलाड़ी अब भारतीय हॉकी में घरेलू ढांचे की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू हॉकी को चार वर्गो अंडर-14,16,18 और अंडर-23 में बांटा जाए व इन खिलाड़ियों की आयु पर सख्त निगरानी रखी जाए।

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