गुरुवार, 18 मार्च 2010
आगाज़ भारत
भारत मे लोगो के अंदर एक आग सुलग रही हैं , जो धीरे धिरे एक परिवर्तन की ओर संकेत कर रही ,सरकारी काम काज को आज कल शक के निगाह से देखा जा रहा है ,लोगो में भ्रष्टाचार,जबाबदेही जनता के प्रति नहीं हैं ,आज भी हम अंग्रेजो के दिये गए प्रशसनिक दंचा को आज भी ढो रहे है , आज समय आ गया है की लोगो को जक्रुक करके अपने अधिकार को जानना चाहिय , आज के समय मे लोगो के पास 'सूचना का अधिकार ' जैसा हथियार है ,जिसका प्रयोग साधारण इंसान भी कर सकता है , इस अधिकार के सिपाही भी आज कल इन गिने चुने लोगो का साथ बरी शान से देती हैं , लाखो अरबो रूपया का खपला इतने आसानी से हो जाता की एक साधरण व्यक्ति समझ ही नहीं सकता , ये सारे 'धन' देश के साधरण व्यक्ति के 'टेक्स ' से जाता है ,अपने पैसे का हिसाब रखना उनका अधिकार हैं '
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